केरल की यात्रा, एक दिन मैंने 1 जोड़ी कपड़े लिए और चल दिया केरल को. इस यात्रा का श्रेय जाता है श्री गणपति जी को. गणपति जी ने मेरा ट्रैन टिकट जबरदस्ती बुक करवा दिया क्योंकी मै उनसे घूमने जाने के प्लान के बारे में बोलता था.
“It’s never too late to do the right things” “आशावादी होने में क्या कष्ट है? रो तो कभी भी सकते हैं।” - लूसिमार सांतोस द लीमा
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